देहरादून: जनगणना 2027 ड्यूटी से गायब 35 कर्मचारी, पुलिस में शिकायत दर्ज

जनगणना 2027 के लिए नियुक्त 35 कर्मचारी प्रशिक्षण में शामिल नहीं हुए और संपर्क से बाहर हैं। नगर निगम ने इसे गंभीर मानते हुए पुलिस में शिकायत देकर इनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

देहरादून: जनगणना 2027 की तैयारियों के बीच एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां 35 कर्मचारी अचानक ड्यूटी से गायब हो गए हैं। ये कर्मचारी न तो प्रशिक्षण में शामिल हुए और न ही नगर निगम कार्यालय से किसी प्रकार का संपर्क कर रहे हैं। कर्मचारियों के अचानक गायब होने से प्रशासन में हड़कंप मच गया है।

इस मामले को गंभीरता से लेते हुए नगर निगम ने सख्त कदम उठाने का फैसला किया है। जनगणना के संचालन के लिए नियुक्त अधिकारियों ने इन कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके तहत शहर कोतवाली पुलिस को तहरीर देकर मुकदमा दर्ज करने की मांग की गई है।

Census of India 2027 के तहत विभिन्न विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों का चयन किया गया था। इनके अलग-अलग क्षेत्रों में जनगणना कार्य के लिए नियुक्त किए जाने हैं। इसी क्रम में 21 अप्रैल और 23 अप्रैल को प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए, लेकिन 35 कर्मचारी इनमें शामिल नहीं हुए। जांच में यह भी सामने आया है कि कुछ कर्मचारियों ने जानबूझकर गलत मोबाइल नंबर दर्ज कराए हैं, जबकि कुछ कर्मचारी फोन कॉल तक रिसीव नहीं कर रहे हैं। इससे यह आशंका जताई जा रही है कि कुछ कर्मचारी जानबूझकर जनगणना ड्यूटी से बचने की कोशिश कर रहे हैं।

जनगणना अधिनियम 1948 के तहत कार्रवाई

नगर निगम ने अपनी तहरीर में Census Act 1948 का हवाला दिया है। इस अधिनियम के तहत यदि कोई कर्मचारी अपने कर्तव्यों का पालन नहीं करता है, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सकती है। इसमें जुर्माने के साथ-साथ तीन साल तक की सजा का भी प्रावधान है।

चार्ज अधिकारी और सहायक नगर आयुक्त Ramesh Singh Rawat ने बताया कि जनगणना 2027 के लिए विभिन्न विभागों से कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई थी। इनमें से 35 कर्मचारी प्रशिक्षण में शामिल नहीं हुए और कई ने गलत मोबाइल नंबर दिए। ऐसे कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के लिए शहर कोतवाली को पत्र भेजा गया है। वहीं, पुलिस अधिकारी Rajesh Bisht ने कहा कि अभी तक शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। शिकायत मिलने के बाद नियमानुसार कार्रवाई करते हुए रिपोर्ट नगर निगम को भेजी जाएगी।
अब पुलिस में शिकायत दर्ज होने के बाद इन कर्मचारियों की तलाश की जाएगी। दोषी पाए जाने पर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई तय है।

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