उत्तराखंड कैबिनेट के 12 बड़े फैसले: प्रदेश पूर्ण साक्षर घोषित, उपनल कर्मियों को समान वेतन में राहत

देहरादून। उत्तराखंड सचिवालय में गुरुवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक आयोजित हुई, जिसमें विभिन्न विभागों से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक की शुरुआत शोक प्रस्ताव के साथ हुई।

कैबिनेट ने उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल बी.सी. खंडूरी और पद्मश्री सम्मान से अलंकृत अंतरराष्ट्रीय निशानेबाज जसपाल राणा को श्रद्धांजलि अर्पित की।

बैठक में शिक्षा, पर्यटन, आबकारी, कृषि, पशुपालन, कारागार और कार्मिक विभागों से जुड़े कई अहम फैसले लिए गए। इनमें सबसे महत्वपूर्ण फैसला उपनल कर्मचारियों को ‘समान कार्य के लिए समान वेतन’ देने का रहा।

धामी कैबिनेट के प्रमुख फैसले

  • उत्तराखंड संस्कृत नियमावली-2026 में संशोधन को मंजूरी।
  • कोलतार की उपलब्धता में कमी के चलते सड़क निर्माण परियोजनाओं के टेंडर अनुबंधों की समयसीमा बढ़ाई गई।
  • उत्तराखंड को पूर्ण साक्षर राज्य घोषित करने के प्रस्ताव को मंजूरी।
  • आबकारी नियमावली में संशोधन करते हुए वैट और सेस पर लगने वाले दोहरे कर को समाप्त किया गया।
  • कृषि विभाग के सगंध पौधा केंद्र, सेलाकुई में परफ्यूम परीक्षण के लिए आधुनिक प्रयोगशाला स्थापित की जाएगी।
  • पर्यटन विभाग की ओर से आयोजित होने वाली हिमालय कार रैली को मंजूरी दी गई, जिसमें 25 देशों के प्रतिभागियों के शामिल होने की संभावना है।
  • बैठक में उपनल कर्मचारियों के लिए बड़ा फैसला लेते हुए समान कार्य-समान वेतन की कटऑफ तिथि 12 नवंबर 2018 से बढ़ाकर 15 अगस्त 2024 कर दी गई। इससे अधिक संख्या में कर्मचारियों को लाभ मिलेगा।
  • कारागार नियमावली में ‘अभ्यस्त अपराधी’ की स्पष्ट परिभाषा तय की गई।
  • सेवा नियमावली में संशोधन करते हुए विभिन्न विभागों में पदों की संख्या बढ़ाने का निर्णय लिया गया।
  • राज्य आंदोलनकारियों को 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण का लाभ हालिया भर्तियों में भी दिया जाएगा।
  • चारधाम यात्रा में उपयोग होने वाले पशुओं के बीमा प्रीमियम का 20 प्रतिशत खर्च राज्य सरकार वहन करेगी। इस योजना पर लगभग एक करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
  • पशुपालन विभाग के पायलट प्रोजेक्ट के तहत कृत्रिम गर्भाधान योजना को मंजूरी दी गई।

उपनल कर्मचारियों को बड़ी राहत

कैबिनेट के सबसे अहम फैसलों में उपनल कर्मचारियों के लिए ‘समान कार्य-समान वेतन’ को मंजूरी देना शामिल रहा। उपनल कर्मचारी लंबे समय से इस मांग को लेकर आंदोलनरत थे। सरकार के इस फैसले से हजारों कर्मचारियों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।

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