उत्तराखंड वन विभाग ने बड़ी तबादला सूची जारी करते हुए 110 वन आरक्षियों और 47 वन दरोगाओं का स्थानांतरण किया है। पहली बार कर्मचारियों को गृह जनपद के पास पोस्टिंग देने का विशेष प्रयास किया गया है।
देहरादून: Uttarakhand Forest Department में इस बार बड़े स्तर पर तबादले किए गए हैं। विभाग ने पहली बार वन कर्मियों की सुविधा और उनकी पसंद को ध्यान में रखते हुए तबादला प्रक्रिया को अंजाम देने का प्रयास किया है।
वन विभाग का मानना है कि कर्मचारियों को उनके गृह जनपद या उसके आसपास तैनाती मिलने से कार्यक्षमता और मनोबल दोनों में वृद्धि होगी। वन विभाग में कार्यरत कई वनकर्मी लंबे समय से अपने गृह जनपद या उसके नजदीकी क्षेत्रों में पोस्टिंग की मांग कर रहे थे। हालांकि, विभागीय आवश्यकताओं और सीमित रिक्त पदों के कारण सभी कर्मचारियों को उनकी पसंद के अनुसार तैनाती देना आसान नहीं था। यही वजह रही कि कई वनकर्मी वर्षों तक अपनी मनचाही पोस्टिंग का इंतजार करते रहे।
110 वन आरक्षियों और 47 वन दरोगाओं के तबादले
वन मुख्यालय द्वारा जारी सूची के अनुसार मानव संसाधन प्रबंधन के तहत 110 वन आरक्षियों (Forest Guards) के तबादले किए गए हैं। इसके अलावा 47 वन दरोगाओं (Foresters) का भी स्थानांतरण किया गया है। वहीं उपवन क्षेत्राधिकारियों के भी कुछ तबादले किए गए हैं, हालांकि उनकी संख्या सीमित रखी गई है।
नए रेंजर्स को भी मिली तैनाती
विभाग ने हाल ही में भर्ती हुए रेंजर्स को भी विभिन्न क्षेत्रों में तैनाती देने के आदेश जारी किए हैं। इस कदम से विभाग में लंबे समय से रिक्त पड़े पदों को भरने और वन प्रबंधन व्यवस्था को मजबूत करने में मदद मिलेगी। वन विभाग ने इस बार तबादलों से पहले विस्तृत स्तर पर होमवर्क किया। कर्मचारियों की पसंद, गृह जनपद और विभागीय जरूरतों का संतुलन बनाते हुए अधिक से अधिक वन कर्मियों को उनकी इच्छा के अनुसार पोस्टिंग देने की कोशिश की गई। विभाग का उद्देश्य कर्मचारियों को प्रोत्साहित करना और कार्यस्थल पर उनकी संतुष्टि बढ़ाना बताया जा रहा है।
गढ़वाल क्षेत्र में भी अलग से जारी हुई तबादला सूची
वन मुख्यालय से लगभग 180 फील्ड कर्मचारियों के तबादलों की सूची जारी होने के साथ-साथ गढ़वाल क्षेत्र के लिए भी सीसीएफ गढ़वाल कार्यालय द्वारा अलग तबादला सूची जारी की गई है। इससे बड़ी संख्या में कर्मचारियों को राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
लंबे समय से तबादले की प्रतीक्षा कर रहे कर्मियों को मिली राहत
वन विभाग में कई कर्मचारी वर्षों से एक ही स्थान पर कार्यरत थे, जबकि कुछ कर्मचारियों को बार-बार अनुरोध के बावजूद गृह जनपद के आसपास पोस्टिंग नहीं मिल पा रही थी। इस बार की व्यापक तबादला प्रक्रिया से ऐसे कर्मचारियों को राहत मिलने की उम्मीद है, जो लंबे समय से तबादले की प्रतीक्षा कर रहे थे।
विभागीय मनोबल बढ़ाने की दिशा में अहम कदम
विशेषज्ञों का मानना है कि कर्मचारियों की सुविधा को ध्यान में रखकर किए गए तबादले विभागीय मनोबल बढ़ाने में मदद करेंगे। इसके साथ ही कर्मचारियों और विभाग के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होने की संभावना भी बढ़ेगी।








