प्रधानमंत्री जी के उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु एवं राष्ट्र की सुख-समृद्धि की कामना के साथ दी गई पूर्णाहुति
ऋषिकेश। विश्वकर्मा पूजन दिवस एवं देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के जन्मदिवस के पावन अवसर पर धर्मनगरी ऋषिकेश स्थित पवित्र त्रिवेणी घाट पर त्रिपुरा धाम मणिकूट पर्वत के तत्वावधान में तथा ‘यज्ञ सम्राट’ श्री श्री 1008 हरिओम जी महाराज के पावन सानिध्य में 1008 कुंडी भव्य एवं दिव्य महायज्ञ का आयोजन श्रद्धा, आस्था एवं उल्लास के साथ किया गया।
महायज्ञ में माननीय राज्य मंत्री श्रीमती चारु माथुर कोठारी जी, उत्तराखंड राज्य महिला आयोग की माननीय अध्यक्ष श्रीमती कुसुम कंडवाल जी एवं नगर निगम ऋषिकेश के महापौर श्री शम्भू पासवान जी ने उपस्थित होकर विधिवत पूजा-अर्चना की तथा यज्ञ में पूर्णाहुति दी।
इस पावन अवसर पर भगवान विश्वकर्मा जी की पूजा-अर्चना कर देश की प्रगति, निर्माण, श्रम एवं तकनीकी क्षेत्र में निरंतर उन्नति तथा जनकल्याण की मंगलकामना की गई। साथ ही प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के जन्मदिवस के अवसर पर उनके उत्तम स्वास्थ्य, सुदीर्घ एवं मंगलमय जीवन तथा राष्ट्र की निरंतर प्रगति एवं विश्व कल्याण के लिए विशेष प्रार्थना की गई।

महापौर श्री शम्भू पासवान ने कहा कि विश्वकर्मा पूजन दिवस हमारे निर्माण, श्रम, कौशल एवं सृजन की भारतीय परंपरा का प्रतीक है। वहीं प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के जन्मदिवस के अवसर पर आयोजित यह धार्मिक अनुष्ठान राष्ट्र की सुख-समृद्धि, शांति एवं जनकल्याण के लिए सामूहिक प्रार्थना का अवसर है। उन्होंने कहा कि ऐसे आध्यात्मिक आयोजन समाज में सकारात्मक ऊर्जा, सेवा भावना और राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना को मजबूत करते हैं।
कार्यक्रम में उपस्थित संत-महात्माओं एवं श्रद्धालुओं ने कहा कि वैदिक परंपरा के अनुरूप आयोजित इस महायज्ञ में देश की एकता, अखंडता, शांति, समृद्धि एवं विश्व कल्याण के लिए सामूहिक रूप से आहुतियां समर्पित की गईं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के जन्मदिवस के अवसर पर उनके दीर्घायु एवं उत्तम स्वास्थ्य की भी मंगलकामना की गई।
महायज्ञ में क्षेत्र के संत-महात्माओं, नगर निगम के सम्मानित पार्षदों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सहभागिता करते हुए वैदिक मंत्रोच्चार के बीच यज्ञ में आहुतियां समर्पित कीं। इस दौरान पवित्र त्रिवेणी घाट का संपूर्ण वातावरण भक्ति, श्रद्धा एवं राष्ट्रभावना से ओत-प्रोत रहा।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित संत-महात्माओं एवं श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया।









