उत्तराखण्ड पुलिस को मिला नया गौरवशाली स्वरूप, सीएम धामी ने किया नए ध्वज और प्रतीक चिह्नों का अनावरण

6 नवंबर को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह करेंगे उत्तराखण्ड पुलिस को राष्ट्रपति पुलिस कलर से अलंकृत, भ्रष्टाचार की शिकायतों के लिए हेल्पलाइन 1064 की नियमित समीक्षा के निर्देश

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को मुख्यमंत्री आवास स्थित सभागार में आयोजित कार्यक्रम में उत्तराखण्ड पुलिस के नए ध्वज, प्रतीक चिह्न, फॉरमेशन साइन, इंसिग्निया, क्रेस्ट और सेरेमोनियल वर्दी का अनावरण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने ‘सत्यनिष्ठा से समृद्धि’ थीम पर आधारित सतर्कता जागरूकता सप्ताह-2026 का भी शुभारंभ किया। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने उपस्थित लोगों को राष्ट्रीय एकता की शपथ दिलाई तथा उत्तराखण्ड पुलिस सेवा से भारतीय पुलिस सेवा में पदोन्नत हुईं शाहजहां जावेद खान और जगदीश चंद्र को प्रतीक चिह्न अलंकृत कर शुभकामनाएं दीं।

मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड पुलिस के नए गौरव चिह्नों के अनावरण को पुलिस बल की पहचान और गौरवशाली परंपराओं को नया स्वरूप देने की महत्वपूर्ण पहल बताया। उन्होंने कहा कि यह बदलाव केवल ध्वज और वर्दी तक सीमित नहीं है, बल्कि पुलिस बल के शौर्य, अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा और सेवा के मूल आदर्शों को और मजबूत करने का प्रतीक है। पुलिस के नए प्रतीक अधिकारियों और जवानों को गौरव के साथ अपनी जिम्मेदारियों का भी एहसास कराएंगे।

उन्होंने कहा कि नई पहचान का वास्तविक सम्मान तभी होगा, जब पुलिस के व्यवहार में संवेदनशीलता, कार्यप्रणाली में दक्षता और कार्रवाई में निष्पक्षता दिखाई देगी। उत्तराखण्ड पुलिस का नया ध्येय वाक्य ‘कर्म सत्यं शौर्यम्’ कर्तव्यनिष्ठा, सत्यनिष्ठा और साहस का संदेश देता है। प्रत्येक पुलिसकर्मी को इन आदर्शों को अपने आचरण और कार्यशैली में अपनाना होगा। वर्दी का सम्मान आचरण से और जनता का विश्वास सेवा से मजबूत होता है।

स्मार्ट पुलिसिंग और आधुनिक तकनीक सरकार की प्राथमिकता

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में स्मार्ट पुलिसिंग की परिकल्पना को साकार करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उत्तराखण्ड पुलिस को आधुनिक तकनीक से सुसज्जित, प्रशिक्षित, दक्ष और सक्षम बनाना राज्य सरकार की प्राथमिकता है।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर पुलिस के नए गौरव चिह्नों का अनावरण विशेष महत्व रखता है। सरदार वल्लभभाई पटेल ने देश की एकता, अखंडता और आंतरिक सुरक्षा को मजबूत करने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई थी। ऐसे अवसर हमें राष्ट्रीय एकता, अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रसेवा के संकल्प को और मजबूत करने की प्रेरणा देते हैं।

भ्रष्टाचार की शिकायतों के लिए हेल्पलाइन 1064 की होगी नियमित समीक्षा

सतर्कता जागरूकता सप्ताह-2026 का शुभारंभ करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के विकास के साथ शासन व्यवस्था में ईमानदारी, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना भी जरूरी है। विकास का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होगा, जब सरकारी संसाधनों का सही उपयोग हो और आमजन को बिना परेशानी के सरकारी सेवाओं का लाभ मिले।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। भ्रष्टाचारमुक्त शासन व्यवस्था बनाने में सतर्कता विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका है। केवल भ्रष्टाचार की शिकायतों पर कार्रवाई करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन कमियों को भी दूर करना जरूरी है, जिनके कारण भ्रष्टाचार की संभावनाएं पैदा होती हैं।

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने और किसी भी प्रकार की शिकायत हेल्पलाइन नंबर 1064 पर दर्ज कराने की अपील की। उन्होंने मुख्य सचिव को निर्देश दिए कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की तर्ज पर भ्रष्टाचार संबंधी शिकायतों के लिए संचालित हेल्पलाइन 1064 की भी नियमित समीक्षा की जाए। शिकायत दर्ज कराने वाले प्रत्येक व्यक्ति की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों से कार्यालयों में आने वाले प्रत्येक व्यक्ति की बात संवेदनशीलता से सुनने और उसके कार्यों का समयबद्ध निस्तारण करने को कहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में ऐसी व्यवस्था विकसित की जानी चाहिए, जहां प्रत्येक नागरिक को सम्मान मिले, जनसेवाओं में लापरवाही न हो और जनता तथा शासन-प्रशासन के बीच विश्वास मजबूत हो।

6 नवंबर को अमित शाह करेंगे उत्तराखण्ड पुलिस को राष्ट्रपति पुलिस कलर से अलंकृत

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड के लिए यह गौरव का विषय है कि आगामी 6 नवंबर को केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह उत्तराखण्ड पुलिस को प्रतिष्ठित ‘राष्ट्रपति पुलिस कलर’ से अलंकृत करेंगे। इस अवसर पर उत्तराखण्ड पुलिस के जवान नई सेरेमोनियल वर्दी में परेड में प्रतिभाग करेंगे।

उन्होंने विश्वास जताया कि उत्तराखण्ड पुलिस अपनी नई पहचान के साथ जनसेवा, अनुशासन, दक्षता और कर्तव्यनिष्ठा के नए मानक स्थापित करेगी।

अशोक स्तंभ, हिमालय और नदी को नए पुलिस प्रतीक चिह्न में मिली जगह

उत्तराखण्ड पुलिस के नए प्रतीक चिह्न में अशोक स्तंभ, ‘सत्यमेव जयते’, स्वर्णिम लॉरेल रीथ, हिमालय और नदी को शामिल किया गया है। ये प्रतीक राष्ट्रीय गौरव, सत्य, न्याय, उत्कृष्टता और उत्तराखण्ड की विशिष्ट भौगोलिक पहचान को प्रदर्शित करते हैं।

पूर्व में प्रचलित तीन रंगों वाले क्षैतिज पुलिस ध्वज के स्थान पर अब गहरे नीले रंग की पृष्ठभूमि वाला नया ध्वज अपनाया गया है। इसके मध्य में नया पुलिस प्रतीक चिह्न तथा लाल और स्वर्णिम किनारे शामिल किए गए हैं। पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की वर्दी पर इस्तेमाल होने वाले फॉरमेशन साइन, इंसिग्निया और क्रेस्ट को भी नए प्रतीक चिह्न के अनुरूप तैयार किया गया है।

इसके अलावा पारंपरिक खाकी वर्दी में बहुरंगी सेरेमोनियल सैश, अलंकरण और विशेष परेड संबंधी साज-सज्जा को शामिल करते हुए सेरेमोनियल वर्दी को नया स्वरूप दिया गया है।

गौरतलब है कि उत्तराखण्ड पुलिस के ध्वज का अनावरण इससे पहले 4 अप्रैल 2008 को हुआ था। बदलती चुनौतियों और पुलिस बल के बढ़ते दायित्वों को देखते हुए नए गौरव चिह्न और प्रतीक तैयार किए गए हैं। पुलिस मुख्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री ने 21 अक्टूबर 2026 को इन नए प्रतीकों के स्वरूप को अनुमोदन प्रदान किया था।

कार्यक्रम में शासन और पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद

कार्यक्रम में मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ, प्रमुख सचिव आरके सुधांशु, आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव शैलेश बगोली, महानिदेशक पीवीके प्रसाद, महानिदेशक अभिसूचना एवं सुरक्षा अभिनव कुमार, अपर पुलिस महानिदेशक अपराध एवं कानून व्यवस्था डॉ. वी. मुरुगेशन, सचिव दिलीप जावलकर, आर. राजेश कुमार, पंकज पांडेय और पुलिस महानिरीक्षक रिधिम अग्रवाल सहित शासन एवं पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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