दान कोष का दुरुपयोग, केदारसभा को 11 लाख रुपये का भुगतान भी सवालों के घेरे में
देहरादून। बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के दान कोष में वित्तीय अनियमितताओं और करोड़ों रुपये के कथित घोटाले का मामला सामने आया है। आरटीआई कार्यकर्ता एवं एडवोकेट विकेश नेगी ने इस मामले को उजागर करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को पत्र लिखकर मांग की है कि समिति में हुई वित्तीय गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से कराई जाए।
एडवोकेट विकेश नेगी का कहना है कि लाखों-करोड़ों श्रद्धालुओं द्वारा दी गई दान राशि का दुरुपयोग मंदिरों के रखरखाव और तीर्थयात्रियों की सुविधाओं के बजाय अन्य कार्यों में हो रहा है, जो हिंदू समाज की आस्था पर सीधा आघात है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार इस मामले को गंभीरता से नहीं लेती तो वह हाईकोर्ट में जनहित याचिका (PIL) दायर करेंगे।
VIP मेहमाननवाजी पर पहले भी उठे थे सवाल
एडवोकेट विकेश नेगी ने मई महीने में केदारनाथ धाम में दान की राशि से VIP व्यक्तियों की मेहमाननवाजी का मामला उजागर किया था। मंदिर समिति पर आरोप था कि कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी की पुत्री नेहा जोशी और विधायक आशा नौटियाल सहित कई प्रमुख लोगों पर यह राशि खर्च की गई।
विधायक आशा नौटियाल और नेहा जोशी ने स्पष्टीकरण देते हुए कहा था कि उन्होंने केदारनाथ प्रवास का खर्च स्वयं वहन किया है। मामले के तूल पकड़ने पर बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने जांच समिति गठित की, जिसने अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप दी है। हालांकि यह रिपोर्ट अब तक सार्वजनिक नहीं की गई है। शासन ने मुख्य कार्याधिकारी को दोषियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
केदारसभा को 11 लाख का भुगतान छिपाने का आरोप
आरटीआई कार्यकर्ता विकेश नेगी ने आरोप लगाया कि बदरीनाथ और केदारनाथ धाम में दान कोष का गलत इस्तेमाल सिद्ध हो चुका है। उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट में केदारसभा को 11 लाख रुपये दिए जाने का तथ्य छिपा दिया गया है। यह राशि तीर्थपुरोहितों को तब दी गई जब वे अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी के विरुद्ध विरोध प्रदर्शन कर रहे थे।
नेगी के अनुसार, ये ज्ञात मामले हैं, लेकिन कई अज्ञात अनियमितताएं भी हो सकती हैं। उन्होंने मांग की कि बीकेटीसी के पूरे दान कोष का ऑडिट कराया जाए और पूर्ण जांच सीबीआई को सौंपी जाए।
सीएम से उम्मीद, कोर्ट जाने की चेतावनी
एडवोकेट विकेश नेगी ने विश्वास जताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी उनके पत्र पर गंभीरता से विचार करेंगे और मामले की निष्पक्ष जांच के लिए सीबीआई को सौंपेंगे। उन्होंने कहा, “दान देने वाले करोड़ों हिंदुओं की आस्था से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।”








