प्रबुद्धजनों ने कहा- राजनेताओं की गुलामी नहीं, संविधान के प्रति निष्ठा से काम करें प्रशासनिक अधिकारी
संयुक्त नागरिक संगठन के तत्वावधान में पटेल पार्क में आयोजित हुआ ‘देशभक्त को देशभक्तों के श्रद्धासुमन’ कार्यक्रम
देहरादून। लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती के अवसर पर शनिवार को देहरादून स्थित पटेल पार्क में संयुक्त नागरिक संगठन के तत्वावधान में ‘देशभक्त को देशभक्तों के श्रद्धासुमन’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों और प्रबुद्धजनों ने सरदार पटेल की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया। कार्यक्रम में राष्ट्रीय एकता, प्रशासनिक निष्पक्षता और नौकरशाही की जवाबदेही जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विचार व्यक्त किए गए।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान समय में उत्तराखंड को ऐसी नौकरशाही की आवश्यकता है, जो जनता के प्रति जवाबदेह, ईमानदार, कर्तव्यनिष्ठ और समर्पित हो। प्रशासनिक अधिकारियों को राजनेताओं की व्यक्तिगत निष्ठा के बजाय संविधान और जनहित को सर्वोपरि रखकर कार्य करना चाहिए। उन्होंने कहा कि नौकरशाही का दायित्व किसी राजनीतिक व्यक्ति की गुलामी करना नहीं, बल्कि संवैधानिक मर्यादाओं के अनुरूप निष्पक्ष निर्णय लेते हुए जनता की सेवा करना है।
वक्ताओं ने सरदार वल्लभभाई पटेल के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि देश के प्रथम गृहमंत्री ने भारतीय प्रशासनिक सेवाओं को मजबूत बनाने और अधिकारियों को राजनीतिक दबाव से मुक्त होकर कार्य करने के लिए संवैधानिक संरक्षण देने की वकालत की थी। आजादी के बाद संविधान सभा में भारतीय सिविल सेवाओं की भूमिका और उनकी निष्ठा को लेकर उठे सवालों के बीच सरदार पटेल ने इन सेवाओं के महत्व को रेखांकित किया था। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक व्यवस्था की मजबूती के लिए अधिकारियों को निष्पक्षता और स्वतंत्रता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने का अवसर मिलना आवश्यक है।
प्रबुद्धजनों ने कहा कि प्रशासनिक अधिकारी राजनेताओं के नहीं, बल्कि संविधान के सेवक हैं। उन्हें अपनी कार्यप्रणाली में पारदर्शिता, निष्पक्षता और जनहित को प्राथमिकता देनी चाहिए। नौकरशाही को उसकी संवैधानिक जिम्मेदारियों का अहसास कराना वर्तमान समय की महत्वपूर्ण आवश्यकता है।
इस अवसर पर वक्ताओं ने संयुक्त नागरिक संगठन की गतिविधियों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि संगठन पिछले दस वर्षों से सांप्रदायिक सौहार्द, राष्ट्रीय एकता, आपसी मित्रता और सामाजिक समरसता को मजबूत करने के उद्देश्य से कार्य कर रहा है। संगठन विभिन्न सामाजिक उद्देश्यों से जुड़ी संस्थाओं और उनके प्रतिनिधियों को एक मंच पर लाकर सरदार पटेल के एकता और राष्ट्रनिर्माण के विचारों को आगे बढ़ाने का प्रयास कर रहा है।
कार्यक्रम में डॉ. मुकुल शर्मा, कैप्टन पदम सिंह थापा, डॉ. एस. स्वामी चंद्रा, मुकेश नारायण शर्मा, डॉ. राकेश डंगवाल, मोहन सिंह खत्री, डॉ. महावीर सिंह बिष्ट, गिरीशचंद्र भट्ट, पद्मेंद्र सिंह बर्थवाल, सुशील त्यागी, सुशील भंडारी, नरेश चंद्र कुलाश्री, राजीव खनसाली, दिनेश भंडारी, उमेश्वर सिंह रावत, अवधेश शर्मा, प्रकाश नागिया, शांति प्रसाद नौटियाल, पिंकी बिष्ट, गीता चौधरी, अंकित सिंह, डॉ. ऊर्जा आहूजा, वैद्य साक्षी मित्तल, पुनः आरंभ, कृष्ण गोदियाल, राजेंद्र श्रीवास्तव, नीरज उनियाल और गोविंद सिंह गोसाई सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में उत्तराखंड आंदोलनकारी मंच से जुड़ी सुलोचना भट्ट के पति के निधन पर दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित की गई।








