UGC कानून के खिलाफ देहरादून में सड़कों पर उतरा सुराज सेवा दल, काला कानून वापस लेने की मांग

देहरादून में शनिवार को सुराज सेवा दल के कार्यकर्ताओं ने UGC (विश्वविद्यालय अनुदान आयोग) के नए नियमों के विरोध में सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया। संगठन ने इसे काला कानून बताते हुए इसे तत्काल वापस लेने की मांग की।

प्रदेश अध्यक्ष रमेश जोशी के नेतृत्व में राज्य के अलग-अलग जिलों से आए 200 से अधिक कार्यकर्ता घंटाघर पर एकत्र हुए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए विरोध जताया। प्रदर्शन के दौरान शहर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे।

कार्यकर्ताओं ने घंटाघर से परेड ग्राउंड तक मार्च निकालते हुए अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद की। बाद में प्रदर्शनकारी जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और डीएम के माध्यम से सरकार को ज्ञापन भेजा। संगठन ने चेतावनी दी कि मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

घंटाघर से परेड ग्राउंड तक निकाला मार्च दोपहर के समय कार्यकर्ता घंटाघर पर जुटे और वहां से ‘काला कानून वापस लो’ के नारे लगाते हुए परेड ग्राउंड की ओर कूच किया। रैली को देखते हुए प्रशासन ने पहले से सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी थी और पूरे मार्ग पर पुलिस बल तैनात रहा ताकि किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति न बने।

डीएम के माध्यम से सरकार को भेजा ज्ञापन परेड ग्राउंड पहुंचने के बाद कार्यकर्ता जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा। सुराज सेवा दल ने कहा कि अगर सरकार ने कानून को वापस नहीं लिया तो आगे और बड़ा आंदोलन किया जाएगा।

रमेश जोशी बोले- कानून लागू हुआ तो बढ़ेगा टकराव प्रदेश अध्यक्ष रमेश जोशी ने कहा कि सरकार ने फिलहाल इस फैसले को केवल स्थगित किया है, लेकिन इसे पूरी तरह वापस लेना जरूरी है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब पहले से ही कानून लागू है तो नए प्रावधान की जरूरत क्यों महसूस की जा रही है।

उन्होंने कहा कि यदि यह कानून लागू हुआ तो समाज में टकराव बढ़ सकता है और इसका असर पढ़ने वाले छात्रों के भविष्य पर पड़ेगा। उनके मुताबिक संगठन देश की एकता और भाईचारे को बनाए रखने के लिए आंदोलन जारी रखेगा।

Uttarakhand Headline
Author: Uttarakhand Headline

Chief Editor . Shankar Datt , Khatima, u.s.nagar , Uttarakhand,262308

Leave a Comment

और पढ़ें