
चमोली: उत्तराखंड के चमोली जिले के गैरसैंण में सीजन की पहली बर्फबारी जहां पर्यटकों के लिए खुशियों का कारण बनी, वहीं एक बारात के लिए यह मौसम परेशानी लेकर आया। बर्फबारी के कारण बारात की गाड़ियां रास्ते में फंस गईं, जिसके बाद दूल्हा-दुल्हन और बारातियों को मजबूरी में 21 किलोमीटर पैदल चलकर अपने गांव लौटना पड़ा।
Gairsain Snowfall: Bride-Groom Walk 21 Km With Baraat
जानकारी के अनुसार, गैरसैंण क्षेत्र के सलियाणा गांव से सरपंच जीत सिंह बिष्ट के बेटे सूरज बिष्ट की बारात बसंत पंचमी के मौके पर परवाड़ी गांव के लिए निकली थी। बारात उत्साह के साथ नाचते-गाते दुल्हन के गांव पहुंची, जहां शादी की रस्में शुरू हुईं। बताया जा रहा है कि जब दूल्हा-दुल्हन की जयमाला हो रही थी, तभी बर्फबारी शुरू हो गई। शुरुआत में यह सामान्य लगी, लेकिन कुछ ही देर में बर्फ इतनी तेज गिरने लगी कि सड़कें फिसलन भरी हो गईं और बारात की गाड़ियां गांव में ही फंस गईं।
गाड़ियां नहीं निकलीं तो पैदल चल पड़े दूल्हा-दुल्हन
काफी देर इंतजार करने के बाद भी जब बर्फबारी नहीं रुकी और वाहनों को निकालना मुश्किल हो गया, तो दूल्हा-दुल्हन और बाराती पैदल ही अपने गांव की ओर रवाना हो गए। वे परवाड़ी गांव से भराड़ीसैन और दिवालीखाल होते हुए देर रात तक सफर कर सलियाणा गांव पहुंचे।
सर्दी का पहला स्नोफॉल बना यादगार
स्थानीय लोगों के अनुसार यह इस सीजन की पहली बड़ी बर्फबारी थी, जिसने इलाके को पूरी तरह सफेद कर दिया। हालांकि यह बारात के लिए परेशानी बन गई, लेकिन यह घटना अब पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बन चुकी है।
Author: Uttarakhand Headline
Chief Editor . Shankar Datt , Khatima, u.s.nagar , Uttarakhand,262308









