‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ जनसभा को लेकर पार्टी ने पूरी की तैयारियां, भाजपा नेताओं ने कहा- गृह मंत्री का दौरा कार्यकर्ताओं में भरेगा नया उत्साह
देहरादून। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की शुक्रवार को देहरादून में प्रस्तावित जनसभा को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने व्यापक तैयारियां की हैं। पार्टी ने इस जनसभा के माध्यम से शक्ति प्रदर्शन की रणनीति बनाई है और इसमें 35 से 40 हजार लोगों की भागीदारी का दावा किया है। भाजपा नेताओं के अनुसार, गृह मंत्री के दौरे को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ ही आम जनता में भी खासा उत्साह है।
भाजपा मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में प्रदेश महामंत्री कुंदन परिहार ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का उत्तराखंड से विशेष लगाव रहा है। दोनों नेता लगातार प्रदेश के विकास और यहां के लोगों के कल्याण के लिए सहयोग करते रहे हैं। उन्होंने कहा कि कुछ समय पूर्व हरिद्वार में आयोजित अमित शाह के कार्यक्रम में एक लाख से अधिक लोग शामिल हुए थे। इसी उत्साह को देखते हुए देहरादून की जनसभा में भी 35 से 40 हजार लोगों के पहुंचने की उम्मीद है।
परिहार ने कहा कि राज्य स्थापना दिवस समारोह के बीच गृह मंत्री का उत्तराखंड आगमन भाजपा कार्यकर्ताओं में नया उत्साह और ऊर्जा भरेगा। ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ जनसभा की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
वहीं, प्रदेश महामंत्री तरुण बंसल ने कहा कि उत्तराखंड की जनता केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के विचारों और संबोधन को सुनने के लिए उत्सुक रहती है। प्रदेश की जनता चाहती है कि वे बार-बार उत्तराखंड आएं और राज्य के विकास के लिए अपना मार्गदर्शन देते रहें।
उन्होंने प्रदेश की डेमोग्राफी और घुसपैठ के मुद्दे का उल्लेख करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार इन विषयों पर गंभीरता से काम कर रही है। देवभूमि की जनसांख्यिकीय संरचना के संरक्षण को लेकर सरकार की नीतियों में अमित शाह के विजन और संकल्पों की प्रेरणा दिखाई देती है।
बंसल ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री के रूप में अमित शाह देश की आंतरिक सुरक्षा और सीमाई सुरक्षा को लेकर निरंतर प्रतिबद्धता के साथ काम कर रहे हैं, जिसका लाभ उत्तराखंड जैसे सीमांत राज्य को भी मिल रहा है।
भाजपा नेताओं ने विश्वास जताया कि अमित शाह की जनसभा से प्रदेश में विकास, सुरक्षा और संगठनात्मक मजबूती से जुड़े मुद्दों को नई दिशा मिलेगी। साथ ही, आगामी राजनीतिक और संगठनात्मक गतिविधियों के लिहाज से भी यह दौरा महत्वपूर्ण साबित होगा।









