देहरादून। टिहरी जिले के सिद्धपीठ मां कुंजापुरी पर्यटन एवं विकास मेले में पंजाबी गायक दलेर मेहंदी की प्रस्तुति के दौरान हुए विवाद को सुलझाने की पहल की गई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दलेर मेहंदी और उनके भाई एवं गायक मीका सिंह से बातचीत कर दोनों को उत्तराखंड आने का निमंत्रण दिया है। वहीं, चर्चा है कि कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने भी फोन पर बातचीत के दौरान दलेर मेहंदी से माफी मांगी है।
इस घटनाक्रम के बाद विवाद को समाप्त करने की दिशा में सकारात्मक पहल सामने आई है। मीका सिंह की टीम ने इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि कलाकारों के सम्मान और गरिमा का ध्यान रखा जाना चाहिए। टीम ने उम्मीद जताई कि मामले को आगे बढ़ाने के बजाय आपसी सम्मान और सौहार्द के साथ विवाद का पटाक्षेप किया जाएगा।
मीका सिंह ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से हुई बातचीत का जिक्र करते हुए बताया कि मुख्यमंत्री ने उनसे और दलेर मेहंदी से बात की। उन्होंने मुख्यमंत्री के बातचीत करने के तरीके की सराहना की। मीका के मुताबिक, मुख्यमंत्री ने दोनों भाइयों को उत्तराखंड आने का न्योता दिया है। उन्होंने संकेत दिया कि वे जल्द ही उत्तराखंड में कार्यक्रम करने की योजना बना सकते हैं।
उधर, इस मामले में कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल का पक्ष जानने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो पाया।
क्या था पूरा विवाद?
विवाद की शुरुआत टिहरी जिले में आयोजित सिद्धपीठ मां कुंजापुरी पर्यटन एवं विकास मेले में दलेर मेहंदी की प्रस्तुति के दौरान हुई थी। कार्यक्रम के बीच कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने हस्तक्षेप करते हुए गायक पर लिप-सिंक करने के आरोप लगाए थे। इस घटनाक्रम के बाद मामला तूल पकड़ गया था।
इसके बाद गायक मीका सिंह ने सार्वजनिक रूप से अपने बड़े भाई दलेर मेहंदी का समर्थन किया था। मामले को लेकर कलाकारों के सम्मान और कार्यक्रम के दौरान हुए व्यवहार पर चर्चा शुरू हो गई थी। अब मुख्यमंत्री की ओर से दोनों गायकों को उत्तराखंड आने का निमंत्रण दिए जाने और बातचीत की पहल के बाद विवाद को शांत करने की कोशिश की जा रही है।







