देहरादून। उत्तराखंड की पुष्कर सिंह धामी सरकार ने दायित्वधारियों में लगातार तीसरे दिन भी बड़ी नियुक्तियां कर दी हैं। विधानसभा चुनावों से पहले सरकार ने विभिन्न आयोगों, परिषदों और सलाहकार समितियों में छह नेताओं को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी हैं। राजनीतिक, सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन साधने की दिशा में यह एक और कदम माना जा रहा है।
पिछले दो दिनों में जारी हुई दो सूचियों के बाद तीसरी सूची भी बेहद अहम मानी जा रही है। शुक्रवार देर शाम शासन की ओर से जारी आदेश के अनुसार देहरादून निवासी ओमवीर सिंह रावत को गन्ना विकास सलाहकार समिति का उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है।
वहीं मीडिया क्षेत्र से जुड़े दीपक भट्ट को मीडिया सलाहकार समिति का उपाध्यक्ष बनाया गया है। पूर्व कैबिनेट मंत्री स्व. हरक सिंह रावत के करीबी भरतेंद्र कंडारी को गौ सेवा आयोग का उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है।
इसके अलावा सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट कर्नल रघुवीर सिंह भंडारी को आपदा प्रबंधन सलाहकार समिति का उपाध्यक्ष बनाया गया है। उधम सिंह नगर के वरिष्ठ भाजपा नेता रणजीत सिंह नामधारी को पशु कल्याण बोर्ड का उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। वहीं चंपावत के किरण पावड़े को क्षेत्रीय कार्यक्रम अनुश्रवण परिषद का उपाध्यक्ष बनाया गया है।
इन नेताओं को मिली जिम्मेदारी
- ओमवीर सिंह रावत (देहरादून) – उपाध्यक्ष, गन्ना विकास सलाहकार समिति
- दीपक भट्ट (देहरादून) – उपाध्यक्ष, मीडिया सलाहकार समिति
- भरतेंद्र कंडारी (देहरादून) – उपाध्यक्ष, गौ सेवा आयोग
- ले. कर्नल (सेनि.) रघुवीर सिंह भंडारी – उपाध्यक्ष, आपदा प्रबंधन सलाहकार समिति
- रणजीत सिंह नामधारी (उधम सिंह नगर) – उपाध्यक्ष, पशु कल्याण बोर्ड
- किरण पावड़े (चंपावत) – उपाध्यक्ष, क्षेत्रीय कार्यक्रम अनुश्रवण परिषद
तीसरे दिन भी जारी रहा नियुक्तियों का सिलसिला
धामी सरकार पिछले तीन दिनों से चरणबद्ध तरीके से दायित्वधारियों की नियुक्तियां कर रही है। इससे पहले जारी दो सूचियों में भी संगठन से जुड़े वरिष्ठ कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों और विभिन्न सामाजिक क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करने वाले नेताओं को जिम्मेदारियां दी गई थीं।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि सरकार संगठन और शासन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के साथ-साथ लंबे समय से पार्टी के लिए काम कर रहे नेताओं को भी सम्मानजनक भूमिका देना चाहती है।
100 के पार पहुंचा दायित्वधारियों का आंकड़ा
विधानसभा चुनावों की तैयारियों के बीच सरकार द्वारा विभिन्न आयोगों, परिषदों और सलाहकार समितियों में नियुक्तियों का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है।
हालिया आंकड़ों के अनुसार विभिन्न निगम एवं आयोगों में नियुक्त दायित्वधारियों की संख्या 100 के पार पहुंच चुकी है। इनमें भाजपा के वरिष्ठ नेताओं के साथ-साथ सामाजिक और सार्वजनिक जीवन में सक्रिय कई व्यक्तियों को भी जगह दी गई है।
क्षेत्रीय और सामाजिक संतुलन पर फोकस
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उत्तराखंड जैसे राज्य में आयोगों और सलाहकार समितियों में नियुक्तियां केवल प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं होतीं, बल्कि इनके जरिए सामाजिक, क्षेत्रीय और संगठनात्मक संतुलन भी साधा जाता है।
ताजा सूची में देहरादून, उधम सिंह नगर और चंपावत जैसे जिलों को प्रतिनिधित्व देकर सरकार ने व्यापक संतुलन का संदेश देने का प्रयास किया है।
चुनावी रणनीति का हिस्सा मानी जा रही नियुक्तियां
लगातार तीसरे दिन दायित्वधारियों की सूची जारी होने को आगामी विधानसभा चुनावों की रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है।
राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि सरकार संगठन के समर्पित कार्यकर्ताओं को सम्मान देने के साथ-साथ विभिन्न क्षेत्रों में राजनीतिक संदेश पहुंचाने की कोशिश कर रही है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में दायित्वधारियों की और सूचियां भी जारी हो सकती हैं।







