राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का तीन दिवसीय उत्तराखंड दौरा:IMA पासिंग आउट परेड में लेंगी सलामी, केदारनाथ धाम के भी करेंगी दर्शन

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 13 जून को देहरादून स्थित भारतीय सैन्य अकादमी (IMA) में होने वाली पासिंग आउट परेड (POP) में शामिल हो सकती हैं। यह पहली बार होगा जब राष्ट्रपति मुर्मू IMA की परेड की सलामी लेंगी।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू तीन दिवसीय दौरे पर 12 जून को दोपहर बाद देहरादून पहुंचेंगी। यहां वह राजपुर रोड स्थित ‘राष्ट्रपति आशियाना’ में विभिन्न गणमान्य व्यक्तियों से मुलाकात करेंगी और रात्रि विश्राम करेंगी। 13 जून को वह आईएमए की पासिंग आउट परेड में शामिल होंगी और 14 जून को केदारनाथ धाम के दर्शन करेंगी।

इसी दिन दोपहर बाद वह हवाई मार्ग से नई दिल्ली रवाना होंगी। राष्ट्रपति के दौरे को देखते हुए सोमवार को मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में बैठक हुई, जिसमें सुरक्षा व्यवस्था और तैयारियों को लेकर व्यापक निर्देश दिए गए।

पहली बार महिला कैडेट भी पुरुष कैडेटों के साथ ड्रिल स्क्वायर पर कदमताल करती नजर आएंगी

IMA के 94 साल के इतिहास में यह पहली बार होगा जब महिला कैडेट भी पुरुष कैडेटों के साथ ड्रिल स्क्वायर पर कदमताल करती नजर आएंगी। यह बदलाव अकादमी की परंपरा में एक महत्वपूर्ण मोड़ माना जा रहा है। लंबे समय तक केवल पुरुष कैडेटों के प्रशिक्षण केंद्र के रूप में पहचान रखने वाली आईएमए में अब महिला कैडेटों की सक्रिय भागीदारी शुरू हो चुकी है, जिससे सैन्य प्रशिक्षण प्रणाली में लैंगिक समानता की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।

महिला कैडेटों के प्रवेश को देखते हुए आईएमए में बुनियादी ढांचे से लेकर आवास, प्रशिक्षण, खेल सुविधाओं और मेडिकल यूनिट तक में आवश्यक बदलाव किए गए हैं। प्रशिक्षण के दौरान समान अवसर और मानकों को सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

आठ महिला कैडेट ले रही हैं प्रशिक्षण

अगस्त 2022 में 19 महिला कैडेटों का पहला बैच राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA) में शामिल हुआ था। तीन वर्ष के कठोर प्रशिक्षण के बाद मई 2025 में इनमें से 18 कैडेट स्नातक हुईं। इनमें से आठ कैडेटों ने भारतीय सेना में सेवा का विकल्प चुना और 15 जुलाई 2025 को भारतीय सैन्य अकादमी (IMA) में प्रवेश लिया।

ये सभी महिला कैडेट अब आईएमए में एक वर्ष का कठोर सैन्य प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं। यह सभी 13 जून को ‘अंतिम पग’ भरेंगी।

समानता की ओर बढ़ता कदम

अब तक भारतीय सेना में महिला अधिकारी मुख्य रूप से चेन्नई स्थित अधिकारी प्रशिक्षण अकादमी (OTA) से प्रशिक्षण प्राप्त कर कमीशन पाती रही हैं, लेकिन आईएमए में महिला कैडेटों का प्रशिक्षण एक बड़े संरचनात्मक बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।

सैन्य संस्थान में समानता और आधुनिक सोच की दिशा में इसे अहम कदम माना जाता है। 13 जून की यह पासिंग आउट परेड न केवल एक औपचारिक समारोह होगी, बल्कि 94 सालों की परंपरा और भविष्य के नए सैन्य ढांचे के बीच एक ऐतिहासिक सेतु के रूप में भी देखी जा रही है।

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